UP Panchayat Chunav 2021 : कहीं खुशी कही गम…नई आरक्षण लिस्ट ने तोड़े कईयों के सपने, कुछ ने निकाला ‘जुगाड़’

हाइलाइट्स:

  • प्रधान बनने के लिए पिछड़ी जाति की लड़की से कर लिया निकाह
  • बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए किया अंतर्जातीय विवाह
  • सत्ता पाने के लिए कई दावेदारों ने उपाय तलाश लिया है

देवरिया
पंचायत चुनाव के लिए नई आरक्षण सूची जारी होने के बाद देवरिया जिले में गांवों की राजनीति बदल गई है। नई सूची आने के बाद से कईयों के चुनाव लड़ने की संभावना पर ब्रेक लग गया है जबकि कई उम्मीदवारों के चेहरे खिले हुए हैं। खासकर जो काफी दिनों से चुनाव की तैयारी कर रहे थे उनकी सीट का आरक्षण बदल जाने से दिक्कते और बढ़ गई हैं।आरक्षण बदल जाने के बाद भी गांवों की सत्ता पाने के लिए कई दावेदारों ने उपाय तलाश लिया है। जिले के दो संभावित उम्मीदवारों ने तो अंतर्जातीय शादियां तक कर ली हैं। पंचायत चुनाव के ऐन मौके पर संभावित उम्मीदवारों द्वारा की गई इस तरह की शादियां इलाके में चर्चा का विषय बनी है।

प्रधान बनने के लिए पिछड़ी जाति की लड़की से कर लिया निकाह
जिले के तरकुलवा विकास खंड में एक गांव का प्रधान पद वर्ष 2015 मेंं अनु. जाति के लिए आरक्षित था। पिछली सूची में वह.गांव सामान्य जाति के लिए आरक्षित हो गया । नई सूची में गांव का आरक्षण बदल गया और वह गांव पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित हो गया। गांव का प्रधान बनने का सपना देख रहे सामान्य वर्ग के एक व्यक्ति को जब यह बात पता चली तो उन्होंने अपने बेटे का निकाह पिछड़ी जाति की लड़की से कर दिया । अब वह अपनी नई बहू को प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैंं। इस बात की चर्चा क्षेत्र में जोर शोर से है।

बीडीसी सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए किया अंतर्जातीय विवाह
ठीक इसी तरह का एक और मामला देवरिया सदर विकास खंड से भी सामने आया है। यहां का ब्लाक प्रमुख पद पिछली सूची में ओबीसी के लिए आरक्षित था। नयी सूची में भी वही आरक्षण बरकरार रहा। इस विकास खण्ड के एक गांव का युवक क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी में था । बताया जाता है कि उस युवक की तैयारी ब्लाक प्रमुखी का चुनाव लड़ने की है। मगर ऐन वक्त पर ब्लॉक प्रमुख की सीट रिजर्व हो जाने के चलते उसके अरमानों पर पानी फिर गया। ऐसे में इसकी काट निकालते हुए एक सप्ताह पूर्व उसने अपनी शादी पिछड़ी जाति की एक युवती से कर ली । उस युवक ने दूसरी बिरादरी की लड़की से शादी चाहे जिन परिस्थितियों में की हो मगर क्षेत्र में चर्चा यही है कि उसने चुनाव लड़ने के लिए पिछड़ी जात की लड़की से शादी की है।

क्या कहता है कानून
नियमानुसार शादी के बाद भी लड़की की जाति नहीं बदलती है। जैसे अगर किसी पिछड़ी जाति की लड़की किसी सामान्य वर्ग के लड़के से शादी कर ले तो लड़की पिछड़ी जात की ही रहेगी। इसी तरह अगर कोई सामान्य जाति की लड़की पिछड़े वर्ग के लड़के से शादी कर ले तो लड़की सामान्य वर्ग की ही मानी जाएगी उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा ।

जिला पंचायत राज अधिकारी आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि आरक्षण की दूसरी सूची से पहले से चुनावी तैयारी मेंं लगे कई उम्मीदवारों को निराशा हाथ लगी है। अब ऐसे में अगर किसी ने अंतरजातीय शादी की है तो लड़की की जाति के अनुसार उसे चुनाव में आरक्षण का लाभ मिलेगा और वह चुनाव लड़ सकता है।

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