Sidhi Hadsa : ‘कलेक्टर बनना चाहती थी वो, …लो अब बन गई कलेक्टर’, छाती पीटकर गिर गए छात्रा के नाना

हाइलाइट्स:

  • सीधी बस हादसे में 40 से ज्यादा लोगों की मौत
  • हादसे में जान गंवाने वाले ज्यादातर हैं छात्र
  • रेलवे की परीक्षा देने के लिए सीधी से सतना जा रहे थे छात्र
  • नहर में बस गिरने के बाद लोगों ने गंवाई जान

रीवा
सीधी हादसे के मृतकों का शव रीवा के संजय गांधी अस्पताल में रखा गया है। परिजनों की चीत्कार से अस्पताल परिसर में मातम पसरा हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजन पोस्टमार्टम हाउस के पास जमा है। नवभारत टाइम्स.कॉम की टीम भी वहां मौजूद हैं। रेलवे की परीक्षा देने जा रही एक छात्रा की भी इस हादसे में मौत हो गई है।

हादसे की खबर सुन कर छात्रा के परिजन बदहवास है। इसके साथ ही परिवार का सपना भी टूट गया है। एनबीटी की टीम जब एक बुजुर्ग से बात करने के लिए पहुंची तो वह घटना की जानकारी देते-देते बेसुध हो गए हैं। रोते हुए उन्होंने कहा कि हमारी नातिन कलेक्टर बनना चाहती थी। वह परीक्षा देने के लिए सतना जा रही थी। बस हादसे में खत्म हो गई है।

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बुजुर्ग ने बताया कि वह कलेक्टर बनना चाहती थी…लो अब बन गई कलेक्टर। उसके बाद बेसुध होकर जमीन पर गिर जाते थे। फिर परिजन उन्हें संभालते हैं। बार-बार वह ऐसे ही गिर रहे थे। यह देख वहां का पूरा माहौल भावुक था। बुजुर्ग की नातिन की तरह ही इस हादसे में कई छात्रों की जान गई है। सभी सरकारी नौकरी की ही तैयारी करते थे।

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पहुंच गए हैं जांच के लिए मंत्री
वहीं, घटना की जांच के लिए सरकार के दो कद्दावर मंत्री सीधी पहुंच गए हैं। घटना स्थल के बाद लोगों की सबसे ज्यादा भीड़ रीवा के संजय गांधी अस्पताल में है। जहां घायल लोगों का इलाज चल रहा है। साथ ही मृतक के परिजन भी वहीं मौजूद हैं। एनबीटी रिपोर्टर हरिओम सिंह ने मौके से पूरी घटना के बारे में जानकारी दी है।

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