IND vs ENGLAND. 3rd ODI: पुणे में रन बरसेंगे? टीम इंडिया कैसे पाएगी इंग्लैंड की चुनौती से पार

पुणे
इंग्लैंड के हाथों दूसरे मैच में करारी हार से सबक लेते हुए भारतीय क्रिकेट टीम आज मुकाबले को ‘सुपर संडे’ बनाने के लिए तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में बदले हुए तेवरों और नई रणनीति के साथ देशवासियों की होली में जीत के रंग भरने के इरादे से खेलेगी। टेस्ट और टी20 इंटरनैशनल… दोनों ही सीरीज में शानदार कमबैक कर विराट सेना अंग्रेजों के मंसूबों पर पहले ही पानी फेर चुकी है। आज बारी उस कहानी को पूर्णता देने की है।

बल्लेबाजों की ‘ऐशगाह’ इस पिच पर इंग्लैंड ने पिछले मैच में 20 छक्के लगाकर 337 रन के मुश्किल लक्ष्य को आसान बना डाला। खराब फॉर्म में चल रहे स्पिनर कुलदीप यादव और क्रुणाल पंड्या ने उनका काम आसान कर दिया। भारतीय कप्तान विराट कोहली को रविंद्र जाडेजा की इतनी कमी कभी महसूस नहीं हुई होगी, जितनी पिछले मैच में।

जॉनी बेयरस्टो और बेन स्टोक्स ने भारतीय स्पिनरों को मनचाहे स्ट्रोक्स लगाकर खूब रन बनाए। गेंदबाजी में कुलदीप ने आठ सिक्स खाए, जो किसी भी भारतीय गेंदबाज से ज्यादा हैं। उन्होंने दूसरे मैच में 84 और पहले में 64 रन दिए थे। वहीं क्रुणाल ने छह ओवर में 12 की औसत से 72 रन दे डाले।

ऐसे में इन दोनों की जगह लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल और वॉशिंगटन सुंदर को उतारा जा सकता है। चहल भले ही सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन कोहली के पास कोई विकल्प भी नहीं है। क्रुणाल भी बैटिंग के दम पर टीम में जगह पा सकते हैं, लेकिन खराब गेंदबाजी को देखकर स्पष्ट है कि वह दीर्घकालिक विकल्प बनने के लिए काम करना होगा।

बदलनी होगी शैली
बल्लेबाजी में 336 रन का स्कोर खराब नहीं था, लेकिन बैटिंग स्टाइल में बदलाव की जरूरत है। भारतीय टीम आखिरी 15 ओवर में तेजी से खेलने पर भरोसा करती आई है और यह परिपाटी पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने स्थापित की थी। कई बार यह दांव चल जाता है, लेकिन वर्ल्ड चैंपियन इंग्लैंड ने दिखा दिया है कि मददगार पिच पर शुरू से ही हमला बोलना सही रहता है। इससे बाद में ऋषभ पंत और हार्दिक पंड्या जैसे बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका मिल जाता है।

कप्तान से चाहिए शतक
कप्तान कोहली ने दोनों मैच में अर्धशतक बनाया, लेकिन उनसे शतक की उम्मीद है। कोहली ने हालांकि कहा कि वह रेकॉर्ड के लिए नहीं खेलते। उन्होंने कहा,’मैंने अपने जीवन में कभी सेंचुरी के लिए नहीं खेला। यही वजह है कि मैं इतने कम समय में इतनी सेंचुरी बना भी सका। यह टीम की जीत में योगदान की बात है। आपकी सेंचुरी के बावजूद टीम नहीं जीत रही है तो वह किस काम का।’

कोहली ने आखिरी वनडे सेंचुरी अगस्त-2019 में जड़ी थी। हार्दिक फिनिशर की भूमिका में होंगे, लेकिन हाल ही में संपन्न टी20 सीरीज को छोड़कर उन्होंने ज्यादा गेंदबाजी नहीं की है। टीम मैनेजमेंट को इस पर विचार करना होगा। तेज गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार के साथ यॉर्कर विशेषज्ञ टी नटराजन को उतारा जा सकता है। वैसे शार्दुल ठाकुर फॉर्म में हैं, लेकिन उन्हें आराम देने पर मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा में से एक के लिए जगह बनती है। दूसरी ओर, इंग्लैंड के हौसले दूसरे वनडे में शानदार जीत से बढ़े हैं और बेन स्टोक्स का फॉर्म में आना मेहमान टीम के लिए राहत की बात है।

फिर होगी सिक्स की बारिश?
इंग्लैंड ने शुक्रवार को दूसरे वनडे में वापसी की राह पकड़ते हुए कुल 20 सिक्स बरसाए थे और भारत को हराया था। अब जबकि निर्णायक मुकाबला होना है तो निश्चित तौर पर दोनों टीमों की ओर से फिर छक्कों की बरसात होने के पूरे आसार हैं। शुक्रवार को दोनों टीमों की ओर से कुल 34 सिक्स लगे थे। भारतीय बल्लेबाजों ने कुल 14 सिक्स लगाए तो इंग्लैड ने लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहतर खेल दिखाया और 20 सिक्स के साथ मुकाबला अपने नाम किया। इनमें से 10 बेन स्टोक्स और 7 जॉनी बेयरस्टो के बल्ले से निकले। वनडे इतिहास में इससे पहले दो बार इससे अधिक सिक्स लगे हैं। फरवरी-2019 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच मैच में कुल 46 सिक्स लगे थे। वहीं नवंबर-2013 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए वनडे में कुल 38 सिक्स लगे थे।

Source link

Categories Sports

Leave a Comment