Gorakhpur Civil Court Entry Closed And Video Conferencing Will Be Heard Due To Coronavirus – गोरखपुर: सिविल कोर्ट में प्रवेश बंद, वीडियो कांफ्रेंसिंग से होगी सुनवाई


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डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 28 Apr 2021 11:49 AM IST

सार

जिला जज दुर्ग नारायण सिंह ने आदेश जारी किया। इसके मुताबिक दीवानी कोर्ट में अगले आदेश तक सभी का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
 

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला।

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गोरखपुर जनपद न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह ने न्यायालय के संचालन की नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक दीवानी कोर्ट में अगले आदेश तक सभी का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल कुमार सिंह ने बताया कि नए आदेश के अनुसार नवीन या अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र, रिलीज प्रार्थना पत्र, धारा 164 का बयान व रिमांड संबंधित कार्य ही होंगे। यह कार्य भी अपने आवासीय कार्यालय से एक या दो न्यायिक अधिकारियों द्वारा रोटेशन या निर्धारित टाइम स्लॉट के आधार पर किया जाएगा।

सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल मोड से की जाएगी। विचाराधीन बंदियों से संबंधित रिमांड या उनके द्वारा प्रस्तुत अन्य प्रार्थना पत्र की सुनवाई व अन्य न्यायिक कार्य केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग एप के माध्यम से होंगे। 

अधिवक्ताओं को अपने आवश्यक प्रार्थना पत्रों को ईमेल आईडी [email protected] पर दाखिल करना होगा। अधिवक्ताओं या वादकारियों द्वारा प्रेषित प्रार्थना पत्रों में उनका पूर्ण विवरण, मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी अंकित करना अनिवार्य होगा।
 
जनपद न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि 29 व 30 अप्रैल को जिला जज व सभी सत्र न्यायालयों के आवश्यक प्रार्थना पत्रों की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो में होगी। इसी तरह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित सभी निचली अदालतों के आवश्यक प्रार्थना पत्रों की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में होगी।

विस्तार

गोरखपुर जनपद न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह ने न्यायालय के संचालन की नई गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक दीवानी कोर्ट में अगले आदेश तक सभी का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल कुमार सिंह ने बताया कि नए आदेश के अनुसार नवीन या अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र, रिलीज प्रार्थना पत्र, धारा 164 का बयान व रिमांड संबंधित कार्य ही होंगे। यह कार्य भी अपने आवासीय कार्यालय से एक या दो न्यायिक अधिकारियों द्वारा रोटेशन या निर्धारित टाइम स्लॉट के आधार पर किया जाएगा।

सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल मोड से की जाएगी। विचाराधीन बंदियों से संबंधित रिमांड या उनके द्वारा प्रस्तुत अन्य प्रार्थना पत्र की सुनवाई व अन्य न्यायिक कार्य केवल वीडियो कांफ्रेंसिंग एप के माध्यम से होंगे। 

अधिवक्ताओं को अपने आवश्यक प्रार्थना पत्रों को ईमेल आईडी [email protected] पर दाखिल करना होगा। अधिवक्ताओं या वादकारियों द्वारा प्रेषित प्रार्थना पत्रों में उनका पूर्ण विवरण, मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी अंकित करना अनिवार्य होगा।

 

जनपद न्यायाधीश ने आदेश में कहा कि 29 व 30 अप्रैल को जिला जज व सभी सत्र न्यायालयों के आवश्यक प्रार्थना पत्रों की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो में होगी। इसी तरह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित सभी निचली अदालतों के आवश्यक प्रार्थना पत्रों की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में होगी।



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