Delhi Police Got Many Evidences In Greta Thunberg Toolkit Case – टूल किट मामले में इन राज्यों के ‘बड़े लोग’ निशाने पर, दिल्ली पुलिस को मिले कई अहम सुराग


Students protest against Disha Ravi arrest in front of Delhi Police HQ
– फोटो : AISA

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टूल किट मामले में देश के कई राज्यों के कई अहम लोग दिल्ली पुलिस के रडार पर हैं। यह सभी वे लोग हैं जो किसी न किसी माध्यम से दिशा रवि और उनकी पूरी टीम के लोगों से संपर्क में थे। दिल्ली पुलिस ने ऐसे लोगों के मोबाइल से हुई बातचीत और कॉल डिटेल्स के साथ साथ उनके व्हाट्सएप मैसेजेज समेत कम्युनिकेशन के सभी माध्यमों को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और बड़ी गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

टूल किट मामले में जांच करने वाली टीम के एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला उतना सामान्य नहीं है, जितना शुरुआती दौर में दिख रहा था। वह कहते हैं जब इस मामले की तह में पहुंचे तो पता चला कि देश विरोधी ताकतें जबरदस्त तरीके से किसान आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश में लगी हुई हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है इस मामले में उन्हें कई ऐसे और अहम सुराग हाथ लगे हैं जो यह तस्दीक करते हैं कि सिर्फ दिशा रवि ही नहीं बल्कि और ‘बड़े लोग’ इस पूरे मामले में शामिल हैं। उक्त अधिकारी ने बताया जिस तरीके से एक जूम मीटिंग की गई और फिर उसके बाद जो मैसेज आगे बढ़ाया गया वह ज्यादा खतरनाक है।

इस पूरे मामले की जांच कर रहे टीम के सूत्रों की मानें तो इसमें ना सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पंजाब और दिल्ली के भी कई लोग शामिल हैं, जो आंदोलन के बहाने देश में अस्थिरता लाने की फिराक में थे। जिस तरीके से खालिस्तान और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी नाम इसके सामने आ रहा है, उससे इस पूरे मामले की गंभीरता बहुत ज्यादा हो गई है।

जांच में लगे पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किसान आंदोलन के बहाने देश को अस्थिर करने के मंसूबे पाले हुए बहुत से लोग देश और दुनिया के अलग-अलग इलाकों में बैठे हुए हैं। पुलिस की अपनी तस्दीक में सामने आया है कि कनाडा से लेकर ब्रिटेन तक से देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए कुछ संगठन फंड और तकनीकी सपोर्ट भी मुहैया करा रहे हैं। ऐसे लोगों को निशाने पर लिया गया है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो इस मामले में उनकी टीम अभी भी अलग-अलग राज्यों में पड़ताल कर रही है। इसके अलावा विदेश में हुए कम्युनिकेशन को भी चेक किया जा रहा है। साइबर सेल और स्पेशल सेल की टीम के सूत्रों के मुताबिक पंजाब और दिल्ली में तकरीबन 500 से ज्यादा लोगों के फोन ट्रैकिंग पर लिए गए हैं। सूत्रों का कहना है इन लोगों के कम्युनिकेशन के जो दूसरे माध्यमों से लोगों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है जल्द से जल्द इस मामले में और बड़ी सफलताएं हासिल करेगी।

सार

  • पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र के संगठन के लोग लगे थे आंदोलन के बहाने अस्थिरता फैलाने में
  • जल्द ही हो सकती हैं इस मामले में कई और बड़ी अहम गिरफ्तारियां

विस्तार

टूल किट मामले में देश के कई राज्यों के कई अहम लोग दिल्ली पुलिस के रडार पर हैं। यह सभी वे लोग हैं जो किसी न किसी माध्यम से दिशा रवि और उनकी पूरी टीम के लोगों से संपर्क में थे। दिल्ली पुलिस ने ऐसे लोगों के मोबाइल से हुई बातचीत और कॉल डिटेल्स के साथ साथ उनके व्हाट्सएप मैसेजेज समेत कम्युनिकेशन के सभी माध्यमों को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और बड़ी गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

टूल किट मामले में जांच करने वाली टीम के एक अधिकारी ने बताया कि यह मामला उतना सामान्य नहीं है, जितना शुरुआती दौर में दिख रहा था। वह कहते हैं जब इस मामले की तह में पहुंचे तो पता चला कि देश विरोधी ताकतें जबरदस्त तरीके से किसान आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश में लगी हुई हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है इस मामले में उन्हें कई ऐसे और अहम सुराग हाथ लगे हैं जो यह तस्दीक करते हैं कि सिर्फ दिशा रवि ही नहीं बल्कि और ‘बड़े लोग’ इस पूरे मामले में शामिल हैं। उक्त अधिकारी ने बताया जिस तरीके से एक जूम मीटिंग की गई और फिर उसके बाद जो मैसेज आगे बढ़ाया गया वह ज्यादा खतरनाक है।

इस पूरे मामले की जांच कर रहे टीम के सूत्रों की मानें तो इसमें ना सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पंजाब और दिल्ली के भी कई लोग शामिल हैं, जो आंदोलन के बहाने देश में अस्थिरता लाने की फिराक में थे। जिस तरीके से खालिस्तान और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का भी नाम इसके सामने आ रहा है, उससे इस पूरे मामले की गंभीरता बहुत ज्यादा हो गई है।

जांच में लगे पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किसान आंदोलन के बहाने देश को अस्थिर करने के मंसूबे पाले हुए बहुत से लोग देश और दुनिया के अलग-अलग इलाकों में बैठे हुए हैं। पुलिस की अपनी तस्दीक में सामने आया है कि कनाडा से लेकर ब्रिटेन तक से देश में अस्थिरता पैदा करने के लिए कुछ संगठन फंड और तकनीकी सपोर्ट भी मुहैया करा रहे हैं। ऐसे लोगों को निशाने पर लिया गया है।

पुलिस सूत्रों की मानें तो इस मामले में उनकी टीम अभी भी अलग-अलग राज्यों में पड़ताल कर रही है। इसके अलावा विदेश में हुए कम्युनिकेशन को भी चेक किया जा रहा है। साइबर सेल और स्पेशल सेल की टीम के सूत्रों के मुताबिक पंजाब और दिल्ली में तकरीबन 500 से ज्यादा लोगों के फोन ट्रैकिंग पर लिए गए हैं। सूत्रों का कहना है इन लोगों के कम्युनिकेशन के जो दूसरे माध्यमों से लोगों को ट्रैक किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है जल्द से जल्द इस मामले में और बड़ी सफलताएं हासिल करेगी।



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