स्कूल खुला सड़क बंद: स्कूल खुलते ही पहले दिन सड़कों पर ट्रैफिक जाम ऑफलाइन क्लासेज लगाने कम ही पहुंचे स्टूडेंट्स

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शिमलाकुछ ही क्षण पहले

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पोर्टमोर स्कूल में छात्राओं को सोशल डिस्टेंसिंग से बैठाया गया।

  • कोरोनाकाल में करीब 11 महीने से बंद पड़े स्कूलों में लौटी चहल-पहल, थर्मल स्कैनिंग के बाद ही मिली एंट्री
  • जिले में ठियोग, रामपुर बुशहर, रोहड़ू के स्कूलों में भी कम ही पुहंचे छात्र

शहर में स्कूल खुलते ही लाेगाें काे जाम की समस्या से दाे चार हाेना पड़ा है। सुबह और शाम के समय शहर में वाहनाें की लंबी लंबी कतारें लगी रही। इससे जहां छात्राें काे स्कूल पहुंचनें में दिक्कत आई, वहीं कर्मचारियाें काे भी कार्यालय में पहुंचनें में दिक्कताें का सामना करना पड़ा है।

स्कूल का पहला दिन हाेने के चलते अधिकतर छात्राें के अभिभावकाें ने निजी गाड़ियाें से ही स्कूल के गेट तक छात्राें काे छाेड़ा। इससे शहर जाम हाे गया। लक्कड़ बाजार, विक्ट्री टनल और एमएलए क्रासिंग के पास वाहनाें की कतारें लगी रही। हालांकि, पहले दिन छात्राें की संख्या स्कूलाें में कम रही, इसके बावजूद शहर में जाम लगा रहा।

पुलिस की ओर से ट्रैफिक काे संभालने के लिए जाे प्लान बनाया गया था, वाे भी कामयाब नहीं रहा। उपनगर संजौली, बालूगंज में जाम का सामना छात्रों को करना पड़ा, जिस कारण स्कूल पहुंचने में भी देरी हो गई। वहीं ठियोग के सबसे पुराने जमा दो विद्यालय छात्र में 15 प्रतिशत छात्र ही पहुंचे। 9वीं से बाहरवीं कक्षा के अधिक विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। हिमालयन पब्लिक निजी स्कूल में 35 प्रतिशत ही विद्यार्थी स्कूल आए।

पोर्टमोर स्कूल में ऑड-ईवन रोलनबंर के आधार पर आए स्टूडेंट्स, सोशल डिस्टेंसिंग से बिठाई गईं छात्राएं

पाेर्टमाेर: यहां पर ऑड-ईवन के आधार पर पहले दिन छात्राओं काे बुलाया गया था। नाैंवी, 10वीं और 12वीं कक्षा की छात्राओं काे पहले दिन स्कूल बुलाया गया। करीब 30 फीसदी छात्राएं ही पहले दिन पहुंची थी। लक्कड़ बाजार: इस स्कूल में छठी से लेकर 12वीं तक की छात्राओं काे बुलाया गया था। पहले दिन कुल 310 छात्राओं में से लगभग 83 छात्राएं ही स्कूल पहुंची। स्कूल प्रिंसिपल भूपेंद्र सिंह का कहना है कि आने वाले दिनाें में छात्राओं की संख्या बढ़ेगी। लालपानी: यहां पर कम ही स्टूडेंट पहुंचें थे। सुबह यहां प्रार्थना सभा नहीं हुई। कक्षाओं में छात्राें काे काेविड के नियमाें के बारे में शिक्षकाें ने जानकारी दी। इसके अलावा आगामी सिलेबस के बारे में भी छात्राें काे बताया गया। बालूगंजः यहां पर सुबह के समय छात्राें काे जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। जब स्टूडेंट स्कूल पहुंचें ताे सबसे पहले थर्मल स्कैनिंग हुई। इसके बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। पहले दिन कम ही स्टूडेंट कक्षाओं में पहुंचें। छाेटा शिमला: पहले दिन आठवीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्र ही स्कूल बुलाए गए थे। स्कूल प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि सुबह 9.30 बजे से पहले काेई भी छात्र स्कूल नहीं अाएंगे।

पहले दिन बनवाए 250 छात्राें ने स्कूल बस पास
पहले दिन एचआरटीसी की बसाें में स्कूल पास बनाने के लिए भी छात्राें में उत्साह देखा गया। करीब 250 छात्राें ने पहले दिन बस पास बनाए। ओल्ड बस स्टैंड में लगभग 188 छात्राें ने बस पास बनाए। जबकि, संजाैली में करीब 62 छात्राें ने देर शाम तक बस पास बनाए। सुबह के समय पास काउंटराें पर छात्राें की लंबी भीड़ देखी गई।

कई पंचायताें में नहीं चल रही है बसें

​​​​​​​ग्राम पंचायत मूलकोटी में शिमला से धोड़ना चलने वाली यूनिट-2 की दिन की बस बस बंद है। टेक्सी करके या पैदल ही जाना पड़ता है। स्कूलों और कॉलेजों के खुलने से पढ़ने वाले बच्चों को भी बस नहीं चलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्राम पंचायत मूलकोटी में मूलकोटी आने वाली यूनिट-3 की बस भी कोरोना काल से ही रविवार को बंद रहने के कारण गांव से बाहर जाकर दिहाड़ी मजदूरी करने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। मूलकोटी से बहुत लोग रविवार को बस न जाने से प्रभावित हो रहे हैं। मशोबरा पंचायत के अन्तर्गत भी शिमला से सिपूर बस जो सुबह के समय शिमला से सिपूर के लिए चलती है बंद है।

शिमला से गड़काहन चलने वाली दिन की बस भी बंद है जिसकी वजह से गड़काहन,देवला, मूलकोटी और मशोबरा पंचायत के लोग कोरोना काल से लेकर परेशानी का सामना कर रहे हैं। लाेगाें ने प्रबंधन से बस सेवा शुरू करने की मांग की है।

Dainic Bhaskar

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