युवाओं को रोजगार देने में सरकार विफल

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केदारनगर। युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर केंद्र व प्रदेश सरकार पूरी तरह से विफल है। निजीकरण पर आमादा भाजपा सरकार की युवाओं को लेकर कोई स्पष्ट सोच ही नहीं है। यह विचार कटेहरी विधायक व पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने शुक्रवार को केदारनगर बाजार में प्रकट किए। कहा कि युवाओं को चाहिए कि वे स्वरोजगार से जुड़कर अपना भविष्य सुरक्षित रखें। क्योंकि भाजपा सरकार रोजगार देने वाली नहीं है।
विधायक ने कहा कि समय की मांग है कि पढ़ाई-लिखाई के साथ ही युवा अपने अंदर कौशल को विकसित करें। इससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर न सिर्फ रोजगार से जुड़ सकते हैं, वरन दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं। विधायक ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार न तो किसानों को लेकर संवेदनशील है और न ही युवाओं को लेकर। यदि ऐसा होता तो किसानों को अपने हक के लिए सड़कों पर संघर्ष न करना पड़ता।
वक्ताओं ने कहा कि यही स्थिति रही तो एक समय ऐसा भी आएगा, जब किसानों का मोह खेतीबाड़ी से भंग हो जाएगा, जिससे तमाम तरह की परेशानियां उत्पन्न होंगी। सरकार के उदासीन रवैये का ही परिणाम है कि आज किसान तमाम मुश्किलों से गुजर रहे हैं। सरकार का बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार से जोड़ने का वादा सिर्फ वादा ही बनकर रह गया। इस पर कोई अमल नहीं किया गया। महंगाई चरम पर है, जिससे आम लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इस मौके पर परवेज किरमानी, जैगम, अमान, भोला पटेल, हौसिला प्रसाद, हसन अब्बास, शमशाद व अब्दुल खालिक आदि मौजूद रहे।

केदारनगर। युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर केंद्र व प्रदेश सरकार पूरी तरह से विफल है। निजीकरण पर आमादा भाजपा सरकार की युवाओं को लेकर कोई स्पष्ट सोच ही नहीं है। यह विचार कटेहरी विधायक व पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने शुक्रवार को केदारनगर बाजार में प्रकट किए। कहा कि युवाओं को चाहिए कि वे स्वरोजगार से जुड़कर अपना भविष्य सुरक्षित रखें। क्योंकि भाजपा सरकार रोजगार देने वाली नहीं है।

विधायक ने कहा कि समय की मांग है कि पढ़ाई-लिखाई के साथ ही युवा अपने अंदर कौशल को विकसित करें। इससे वे अपना व्यवसाय शुरू कर न सिर्फ रोजगार से जुड़ सकते हैं, वरन दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकते हैं। विधायक ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार न तो किसानों को लेकर संवेदनशील है और न ही युवाओं को लेकर। यदि ऐसा होता तो किसानों को अपने हक के लिए सड़कों पर संघर्ष न करना पड़ता।

वक्ताओं ने कहा कि यही स्थिति रही तो एक समय ऐसा भी आएगा, जब किसानों का मोह खेतीबाड़ी से भंग हो जाएगा, जिससे तमाम तरह की परेशानियां उत्पन्न होंगी। सरकार के उदासीन रवैये का ही परिणाम है कि आज किसान तमाम मुश्किलों से गुजर रहे हैं। सरकार का बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार से जोड़ने का वादा सिर्फ वादा ही बनकर रह गया। इस पर कोई अमल नहीं किया गया। महंगाई चरम पर है, जिससे आम लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। इस मौके पर परवेज किरमानी, जैगम, अमान, भोला पटेल, हौसिला प्रसाद, हसन अब्बास, शमशाद व अब्दुल खालिक आदि मौजूद रहे।

amarujala

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