मेडिकल स्टोरों से बुखार की दवाएं गायब

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अंबेडकरनगर। जिले में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अब मेडिकल स्टोरों से बुखार की दवाएं गायब हो गई हैं। मौजूदा समय में पैरासिटामॉल 500 मिग्रा. व डोलो 650 मिग्रा. की कमी हो गई है। इसके अलावा विटामिन सी व जिन्कोविट जैसी दवाओं का भी अभाव हो गया है। इसके लिए मरीज व उनके तीमारदारों को इधर-उधर की दौड़ लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। तीमारदारों ने ज्यादातर मेडिकल स्टोर संचालकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए जानबूझकर दवाओं का टोटा दिखाया जा रहा है और मनमाने दाम पर बिक्री की जा रही है। इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की भी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
जिले में कोरोना तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा लोग वायरल फीवर की भी चपेट में आ रहे हैं। सदी, जुकाम व बदन दर्द से भी लोग पीड़ित हो रहे हैं। इन सबके लिए पैरासिटामाल 500 मिग्रा. व डोलो 650 मिग्रा. जैसी दवाएं चिकित्सक मरीजों को लिख रहे हैं। इन दवाओं की मांग क्या बढ़ी, इनका टोटा जिले के मेडिकल स्टोरों पर दिखने लगा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित ज्यादातर मेडिकल स्टोर संचालक इन दवाओं की कमी बता रहे हैं। इतना ही नहीं विटामिन सी व जिन्कोविट जैसी दवाएं भी मेडिकल स्टोरों से नदारद होने लगी हैं। नतीजा यह है कि संबंधित दवाओं के लिए मरीज व तीमारदारों को एक मेडिकल स्टोर से दूसरे मेडिकल स्टोर तक की दौड़ लगानी पड़ती है।
अकबरपुर के मीरानपुर निवासी आलोक कुमार व शहजादपुर के दीपक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ी मुश्किल से यह दवाएं उपलब्ध हो पा रही हैं। कहा कि कोरोना संकट में भी कुछ मेडिकल स्टोर संचालक मनमाने ढंग से लाभ उठा रहे हैं। जलालपुर के राजकुमार व भीटी के मोहम्मद शमीम ने कहा कि उन्हें इन दवाओं के लिए जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ी। कहा कि इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की भी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उधर, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत सामने आती है, तो जांच कर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। बताया कि जिले में दवाओं की कोई कमी नहीं है।

अंबेडकरनगर। जिले में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अब मेडिकल स्टोरों से बुखार की दवाएं गायब हो गई हैं। मौजूदा समय में पैरासिटामॉल 500 मिग्रा. व डोलो 650 मिग्रा. की कमी हो गई है। इसके अलावा विटामिन सी व जिन्कोविट जैसी दवाओं का भी अभाव हो गया है। इसके लिए मरीज व उनके तीमारदारों को इधर-उधर की दौड़ लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। तीमारदारों ने ज्यादातर मेडिकल स्टोर संचालकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए जानबूझकर दवाओं का टोटा दिखाया जा रहा है और मनमाने दाम पर बिक्री की जा रही है। इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की भी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।

जिले में कोरोना तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा लोग वायरल फीवर की भी चपेट में आ रहे हैं। सदी, जुकाम व बदन दर्द से भी लोग पीड़ित हो रहे हैं। इन सबके लिए पैरासिटामाल 500 मिग्रा. व डोलो 650 मिग्रा. जैसी दवाएं चिकित्सक मरीजों को लिख रहे हैं। इन दवाओं की मांग क्या बढ़ी, इनका टोटा जिले के मेडिकल स्टोरों पर दिखने लगा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित ज्यादातर मेडिकल स्टोर संचालक इन दवाओं की कमी बता रहे हैं। इतना ही नहीं विटामिन सी व जिन्कोविट जैसी दवाएं भी मेडिकल स्टोरों से नदारद होने लगी हैं। नतीजा यह है कि संबंधित दवाओं के लिए मरीज व तीमारदारों को एक मेडिकल स्टोर से दूसरे मेडिकल स्टोर तक की दौड़ लगानी पड़ती है।

अकबरपुर के मीरानपुर निवासी आलोक कुमार व शहजादपुर के दीपक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बड़ी मुश्किल से यह दवाएं उपलब्ध हो पा रही हैं। कहा कि कोरोना संकट में भी कुछ मेडिकल स्टोर संचालक मनमाने ढंग से लाभ उठा रहे हैं। जलालपुर के राजकुमार व भीटी के मोहम्मद शमीम ने कहा कि उन्हें इन दवाओं के लिए जिला मुख्यालय तक की दौड़ लगानी पड़ी। कहा कि इसकी शिकायत जिम्मेदारों से की भी गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उधर, सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत सामने आती है, तो जांच कर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। बताया कि जिले में दवाओं की कोई कमी नहीं है।

amarujala

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