फल-सब्जी बाजार में रखा जाए साफ-सफाई का ध्यान

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फल-सब्जी बाजार में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। इसको लेकर खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से पहल की जा रही है। बुधवार को प्राधिकरण के तत्वावधान में निरंजनपुर मंडी में बैठक आयोजित की गई और व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा व सर्टिफिकेशन के बारे में जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीसी कंडवाल ने बताया कि भारत सरकार ने लाइसेंस की अनिवार्यता की है। इसके तहत एक व्यवस्थित बाजार की स्थापना और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाने का काम किया जाएगा। कहा कि फल-सब्जी बाजार से हर घर का जुड़ाव होता है। वहां से हर घर की रसोई तक सामान पहुंचता है। इसलिए वहां सफाई की बेहतर व्यवस्था होनी ही चाहिए। व्यापारियों ने सर्टिफिकेशन को लेकर सवाल भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इसमें थोक और फुटकर सभी विक्रेता शामिल होंगे। कहा कि इसका उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता और स्वच्छ फल-सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों को फल-सब्जियों की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। रासायनिक तत्वों का इस्तेमाल, रंगों का प्रयोग और फल-सब्जियों पर स्टीकर चिपकाने से व्यापारियों को रोकने की जरूरत है। इसके अलावा फलों पर केवल बी वैक्स की ही कोटिंग होनी चाहिए। इस मौके पर मंडी सचिव विजय थपलियाल, अजय डबराल, योगेश डिमरी, हरीश कोहली, आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र, सचिव आदेश चौहान समेत अन्य मौजूद रहे।

फल-सब्जी बाजार में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए। इसको लेकर खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की ओर से पहल की जा रही है। बुधवार को प्राधिकरण के तत्वावधान में निरंजनपुर मंडी में बैठक आयोजित की गई और व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा व सर्टिफिकेशन के बारे में जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जीसी कंडवाल ने बताया कि भारत सरकार ने लाइसेंस की अनिवार्यता की है। इसके तहत एक व्यवस्थित बाजार की स्थापना और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाने का काम किया जाएगा। कहा कि फल-सब्जी बाजार से हर घर का जुड़ाव होता है। वहां से हर घर की रसोई तक सामान पहुंचता है। इसलिए वहां सफाई की बेहतर व्यवस्था होनी ही चाहिए। व्यापारियों ने सर्टिफिकेशन को लेकर सवाल भी पूछे, जिनका अधिकारियों ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इसमें थोक और फुटकर सभी विक्रेता शामिल होंगे। कहा कि इसका उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता और स्वच्छ फल-सब्जियों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि व्यापारियों को फल-सब्जियों की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी। रासायनिक तत्वों का इस्तेमाल, रंगों का प्रयोग और फल-सब्जियों पर स्टीकर चिपकाने से व्यापारियों को रोकने की जरूरत है। इसके अलावा फलों पर केवल बी वैक्स की ही कोटिंग होनी चाहिए। इस मौके पर मंडी सचिव विजय थपलियाल, अजय डबराल, योगेश डिमरी, हरीश कोहली, आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र, सचिव आदेश चौहान समेत अन्य मौजूद रहे।

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