पेरू में किसानों को मिले धर्मस्थल पर बनी है मकड़ी-देवता की 4,200 साल पुरानी पेंटिंग

लीमा
पिछले साल पेरू के ला लिबर्टाड क्षेत्र में स्थानीय किसानों को एक प्राचीन धार्मिक स्थल के अवशेष मिले जिन पर एक बड़ा सा म्यूरल (दीवार पर बनी पेंटिंग) थी। रिसर्चर्स ने अब पता लगाया है कि यह पेंटिंग 3200 साल पुरानी है और इसमें मकड़े-देवता चाकू पकड़े हुए दिख रहे हैं। गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक अनजाने में इस जगह का 60% हिस्सा किसानों के उपकरणों से खराब हो गया। अब इस स्थल को सुरक्षित करने की इजाजत दे दी गई है।

अगूस्टो एन वीज फाउंडेशन के पुरातत्व निदेशक रेग्युलो फ्रैंको जॉर्डन ने कहा कि इसे क्यूपिस्नीक सभ्यता में बनाया गया होगा और नदी के पास होने से माना जा रहा है कि जल के देवताओं की पूजा की जाती होगी। उन्होंने पेरू के अखबार ला रिपब्लिका से बताया है कि यहां हजारों साल पहले समारोह आयोजित किए जाते होंगे। यहां बने मकड़े का संबंध जल से है और यह पुरातन सभ्यता में अहम जीव था।


हो सकता है कि जनवरी से मार्च के बीच जब बारिश होती थी तो यहां विशेष समारोह आयोजित किया जाता होगा। लीमा के म्यूजियो लार्को म्यूजियम के मुताबिक इस सभ्यता में इलाके के सबसे पहले मंदिरों का निर्माण किया गया था और जानवरों, फलों, इंसानी सिरों और घरों के आकार में बर्तन बनाए जाते थे। कुछ पर मकड़े दिखते हैं जिन्हें बारिश, कृषि और बलि से जुड़े हैं। इस कॉम्प्लेक्स की रिसर्च से जुड़े पुरातत्व फेरेन कासिलो ने बताया है कि इसमें कोन के साथ दीवारें हैं।

India times

Leave a Comment