पानी का संकट: जरूरत 4 करोड़ 50 लाख लीटर, मिला तीन करोड़ 60 लाख लीटर पानी, पेयजल योजनाओं में घटता जलस्तर बना वजह

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शिमला21 घंटे पहले

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छोटा शिमला में भी पानी की दिक्कत रही। लोग पानी का इंतजार करते रहे।

  • चौड़ा मैदान में पूरी तरह पानी की सप्लाई रही ठप तो कई जगह कम छोड़ी गई सप्लाई

शहर में गर्मियां बढ़ने के साथ साथ अब जल संकट भी गहराने लगा है। पेयजल याेजनाओं में पानी कम हाे रहा है। पेयजल याेजनाओं में पानी रिस्टाेर नहीं हाे पा रहा है। इस कारण अब पानी की सप्लाई मेन लाइन से शहर के टैंकाें में काफी कम हाे रही है। साेमवार काे महज 36.89 एमएलडी पानी अाया। जबकि शहर काे राेजाना 45 एमएलडी पानी की जरूरत है।

ऐसे में करीब 80 लाख लीटर कम पानी आ रहा है। चाैड़ा मैदान एरिया में पानी की सप्लाई पूरी तरह से बाधित रही। शहर में पिछले कुछ दिनों से पानी की सप्लाई कम होने से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। बीते दिनाें से शहर के कई क्षेत्रों में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़े।

एसजेपीएनएल की माने ताे उनका कहना है कि शहर में लोगों को गर्मियों के दौरान पूरा पानी मिल सके, इसके लिए पहले ही सभी परियोजनाओं के टैंकों से लेकर सभी स्थानों पर सफाई का कार्य करवाया जा रहा है। इसके चलते पानी की सप्लाई कम हो रही है।

एसजेपीएनएल के एजीएम राजेश कश्यप का कहना है कि पेयजल परियोजनाओं में सफाई की गई है। जिस कारण थाेड़ी पानी की कमी हुई है। आने वाले दिनाें में पूरी सप्लाई पानी की हाेगी, लाेगाें काे किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।

ये क्षेत्र प्रभावित

शहर के चाैड़ा मैदान एरिया के टूटीकंडी, फागली, अनाडेल, रामनगर, नाभा, समरहिल, बालूगंज, टुटू, चक्कर में सुबह की सप्लाई नहीं दी गई है। जिस कारण लाेगाें काे परेशानी का सामना करना पड़ा है। गर्मियों में नौटी खड्ड-गुम्मा में पानी की कमी होने लगती है।

इस कमी को पूरी करने के लिए चाबा से पानी लिफ्ट करने की याेजना बनाई गई है। इस तरह गुम्मा में पानी की कमी को चाबा से पूरा किया जाता रहा है। मगर दो दिनों तक सफाई कार्य के चलते चाबा से पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है। यही वजह है कि शिमला शहर को गुम्मा से पानी की सप्लाई घटी है।

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Dainic Bhaskar

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