निगम हाउस में लिया फैसला: जिनके पानी के मीटर नहीं, उनसे पीओसी मशीन से लेंगे कूड़े के पैसे

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चंडीगढ़एक घंटा पहले

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निगम सदन को निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि 2014 से स्वच्छ भारत मिशन शुरू हुआ है तभी से घरों से निकलने वाला वेस्ट सूखा- गीला सेग्रिगेशन करने का शुरू किया हुआ है। इसमें शहर के नागरिक भी अपना योगदान दे रहे हैं। लेकिन गारबेज कलेक्टर्स सेग्रिगेट किए हुए वेस्ट को एक रेहड़ी में डालकर एसएसके पर उतार देते हैं। वह मिक्स हो जाता है।

हालांकि प्लांट के पास गीले वेस्ट से कंपोस्ट बनाने का प्लांट लगाया हुआ है। लेकिन मिक्स कूड़ा आने से दिक्कत आती रहती है। इसी को म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट रूलस 2016 और बायलॉज 2018 के तहत डोर टू डोर सेग्रिगेशन हुए वेस्ट को ही कलेक्शन करके प्लांट में ले जाया जाएगा। निगम सदन में 2018 में एजेंडा पास हुआ था।

इसके बाद 2019 में इसे लागू करने के लिए कमेटी बनी। उसने दिसंबर में फैसला दिया। 15 दिसंबर 2020 को निगम सदन की मीटिंग पास किया गया। शहर में 22 दिसंबर से सेक्टर-1 से 30 तक निगम की गाड़ियों से डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन करने का काम शुरू किया गया। शहर में करीब 1342 कलेक्टर्स है।

इनमें से 609 निगम के पास रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। इनमें से गाड़ियों पर 147 वर्किंग हैं। निगम एसिक्स बैंक से 150 पीओएस मशीनें लेगा। इनके जरिए उन घरों से डोर टू डोर वेस्ट कलेक्शन करने के पैसे लेगा, जिनके पानी के मीटर नहीं हैं।

Dainic Bhaskar

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