निगम की लापरवाही: जब कोरोनाकाल में दुकानें-होटल थे बंद तो निगम किस बात का वसूल रहा कूड़े का बिल

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शिमला4 घंटे पहले

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  • निगम के हाउस में पानी के बिल पर भी हंगामा, मेयर की दो टूक नहीं माफ किया जा सकता बिल, देनी होती है सैहब कर्मचारियों की सैलरी

नगर निगम के हाउस में कूड़े और पानी के बिलों पर खूब हंगामा हुआ। मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता में हुए नगर निगम के हाउस में पार्षदों ने कोरोनाकाल में कूड़े के बिल वसूलने का भारी विरोध किया। पार्षदों का कहना था कि जब घरों और दुकानों से कूड़ा उठाया ही नहीं गया तो बिल किस बात का लिया जा रहा है।

नगर निगम के टूटीकंडी से पार्षद आनंद कौशल ने हाउस में कोरोना काल में कूड़े के बिलों के वसूलने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में दुकानें, होटल बंद रहे हैं, लेकिन नगर निगम इस अवधि के कूड़े का बिल भी वसूल रहा है। नगर निगम को कूड़े के बिलों को माफ करना चाहिए। अन्य पार्षदों ने भी उनका समर्थन किया।

हालांकि हाउस में बताया गया कि कूड़े के बिलों को माफ करना संभव नहीं है क्योंकि इससे सैहब कर्मियों के वेतन निकलता है और हर साल इसमें दस फीसदी बढ़ोतरी करने का भी प्रावधान है। नगर निगम की मेयर का कहना था कि इस मामले को सरकार के पास भेजा गया है।

पार्षदों ने पानी के भारी भरकम बिलों को लेकर भी हंगामा किया। पार्षदों का कहना है कि लोगों को पानी के भारी बिल दिए जा रहे हैं, इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ढली की पार्षद कमलेश मैहता का कहना था कि कई लोगों के एक साल के बिल भी नहीं दिए गएं।

ढली में बिना एनओसी बार का विरोध

ढली की पार्षद कमलेश मैहता ने ढली टनल के समीप बार-डिस्को खोलने का विरोध किया। उनका कहना था कि उनसे इसके लिए कोई एनओसी नहीं लिया गया है, इसके बावजूद यह बार खोला गया है। यह बार रेजिडेंशियल एरिया के पास और यहां साथ में मंदिर भी है। उन्होंने उनकी एनओसी के बिना बार खोलने की अनुमति देने पर आबकारी विभाग के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

तय समय से पहले हाउस का विरोध

शनिवार को नगर निगम का हाउस निर्धारित समय से डेढ़ घंटे पहले करवाया गया। पहले हाउस दोपहरबाद 2.30 बजे रखा गया था, लेकिन एन वक्त पर हाउस को 1 बजे के लिए कर दिया गया। बताया जा रहा है कि नगर निगम की ई-विधान को लेकर सुबह एक पार्षदों के लिए प्रेजेंटेशन रखी गई थी।

इस कारण हाउस को भी प्रेजेंटेशन खत्म होने के बाद 12 बजे के लिए रखा गया। हाउस का समय बदलने की सूचना देरी से पार्षदों की दी गई, जिससे कुछ पार्षद इसमें शामिल नहीं हो पाए। रुल्दूभट्टा के पार्षद संजीव ठाकुर, कैथू के सुनील धर, मज्याठ के दिवाकर शर्मा समेत कुछ पार्षदों ने ऐन वक्त पर हाउस बदलने का विरोध किया। यह बात अलग है कि इस हाउस का कोरम पूरा था।

कई विकासात्मक कार्यों को भी मंजूरी

नगर निगम के हाउस में कैथू और मज्याठ में 52 लाख से अधिक की लागत से एंबुलेंस रोड बनाने को भी मंजूरी दी गई। मज्याठ में ब्रह्मी देवी हाउस लेकर फोरमैन हाउस तक, कैथू में प्रेम कॉटेज से लेकर कसोट हाउस तक एंबुलेंस रोड बनना है।

चक्कर में स्टील पार्किंग बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। नगर निगम के हाउस में 35 लाख से तीन जगह हाई मास्ट लाइटें लगाने को भी मंजूरी गई है। ये हाई मास्ट लाइटें चक्कर कोर्ट रोड, रामचंद्रा चौक और लोअर खलीणी चौक पर लगेंगी।

एफसीपीसी के फैसलों को भी दी मंजूरी

हाउस ने एफसीपीसी के फैसलों को भी मंजूरी दी। इनमें ढली में नए थाना भवन बनाने के लिए पुलिस विभाग के नाम जमीन ट्रांसफर करना, नाभा में विवेकानंद ट्रस्ट के पक्ष में नगर निगम की जगह को लीज पर देने के लिए संशोधित अनापत्ति प्रमाण पत्र ( एनओसी) जारी करना शामिल है। इसके अलावा टाउनहॉल में म्यूजियम खोलने को लेकर एक्सपर्ट की राय लेने को लेने को भी मंजूरी दी गई।

निगम होगा पेपरलेस, अगले माह ई-विधान सिस्टम से होगा हाउस

निगम शिमला अब पेप लेस होगा। इसके लिए नगर निगम में ई-विधान सिस्टम लागू किया जाएगा। निगम ने तैयारियां कर ली हैं। नगर निगम ने इसके लिए डिपार्टमेंट ऑफ आईटी और एनआईसी के साथ मिलकर एक सॉफ्टवेयर तैयार किया है। शनिवार को ई-विधान सिस्टम की नगर निगम के पार्षदों को प्रेजेंटेशन दी गई।

इसमें बताया गया कि कि यह सिस्टम कैसे काम करता है। ई-विधान सिस्टम के तहत पहले चरण में हाउस की कार्यवाही को पेपरलेस किया जाएगा। इसके बाद विभिन्न वार्डों में किए जा रहे कार्यों और प्रोजेक्टों का भी ब्यौरा मिलेगा। इसके तहत नगर निगम के सभी विभागों को ऑनलाइन किया जाएगा। इसमें मेयर, डिप्टी मेयर व पार्षद लैपटॉप स्क्रीन पर ही हाउस की पूरी कार्यवाही को देख सकेंगे।

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Dainic Bhaskar

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