नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा- एक बुरी फिल्म भी अगर 5000 स्क्रीन पर रिलीज हो तो एक दिन में 20-30 करोड़ कमा जाएगी

नवाजुद्दीन सिद्दीकी के लिए 2021 काफी बिजी रहने वाला है. नवाज अगले कुछ महीनों में चार फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त रहेंगे. वह फिलहाल लंदन में हैं यहां फिल्म संगीन की शूटिंग कर रहे हैं.

नवाज से स्वीकार करते हैं कि यहां पर कोरोना केस बढ़े रहे हैं लेकिन वह सुरक्षित वातावरण में शूटिंग कर रहे हैं और सभी सावधानियां बरत रहे हैं. उन्होंने कहा, “कोविड-19 के दौर में शूटिंग बहुत मुश्किल है. मैं थोड़ा डरा हुआ था और सोच रहा था सब कैसे होगा. लेकिन यहां सभी सावधानियां बरती जा रही हैं और हम बहारी इलाके में हैं तो यहां बहुत ज्यादा लोग नहीं है. ”

अभिनेता ने कहा, “इस साल फिल्में ही करनी हैं अभी ओटीटी पर कोई सीरीज नहीं है. संगीन के बाद मैं एक रोमांटिक ड्रामा जोगीरा करूंगा और उसके बाद सीरियस मैन के प्रोड्यूसर की एक और फिल्म है जिसमें में मैं एक कस्टम ऑफिसर का रोल कर रहा हूं. मैं खुश हूं कि मुझे अलग-अलग जोनर की फिल्में कर रहा हूं- रोमांस, थ्रिलर और कॉमेडी भी. मैंने अपने पुराने प्रोजेक्ट्स के बारे में कई बार सोचा है. ”

ओटीटी बूम के बाद अब कई मेनस्ट्रीम एक्टर्स जैसे अनिल कपूर और सोनाक्षी सिन्हा ने भी इस प्लेटफॉर्म का रुख किया. इस पूरे ट्रेंड पर नवाज ने कहा, “मुझे लगता है कि सिनेमा और ओटीटी एक साथ चल सकते हैं. दोनों अपने-अपने तरीके से शानदार है. ओटीटी डेमोक्रेटिक है जहां मोनोपोली नहीं चलती, जो स्क्रीन पर होती है. ओटीटी पर एक ऐसी ऑडियंस है जो कि अलग किस्म का सिनेमा देखना चाहती है लेकिन जब इस तरह की फिल्में लिमिटिड थिएटर में रिलीज होती हैं तो उनका अपनी ऑडियंस तक पहुंचना मुश्किल होता है.  एक बकवास फिल्म भी अगर 5000 स्क्रीन पर रिलीज हो तो वो भी 20-30 करोड़ बनाएगी पहले दिन पर. ओटीटी पर हमारे लिए और सुपरस्टार के लिए व्यूवरशिप एक होती है. दर्शक तय करता है कि उन्हें कौन सी फिल्म देखनी है. मुझे खुशी है डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक हद स्टार सिस्टम बराबरी पर आया है क्योंकि ऑडियंस 5000 स्क्रीन तक सीमित नहीं है बल्कि ग्लोबल लेवल पर है. कोई शो या फिल्म अगर लोगों का ध्यान खींचती है तो ये विश्व स्तर पर होता है जो कि बड़ी बात है. ”

वेब सेंसरशिप पर नवाजुद्दीन मानते हैं को कोई भी सेंसरशिप नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, “कुछ पासवर्ड होते हैं, जिसको देखना है देखे, जिसे नहीं देखना है न देखें. कंटेंट के बारे में लोगों को सूचित करने के लिए एक सर्टिफिकेशन हो सकता है और लोग अपनी पसंद चुन सकते हैं. हर चीज पर सेंसरशिप थोड़ी न होती है. ”

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