धरती से डायनोसॉर्स को एक धूमकेतु ने मिटाया था..ऐस्टरॉइड ने नहीं? हारवर्ड की स्टडी में बताया, कहां से आया था…

धरती से डायनोसॉर्स का निशान किसने खत्म किया और यह स्पेस ऑब्जेक्ट कहां से आया था? एक ताजा स्टडी में अभी तक की जानकारी से उलट नया दावा किया गया है। यह स्टडी हारवर्ड यूनिवर्सिटी के मशहूर ऐस्ट्रोनॉमर Avi Loeb ने ऐस्ट्रोफिजिक्स अंडरग्रैजुएट स्टूडेंट आमिर सिराज के साथ मिलकर की है। Avi इससे पहले एक और हैरानी भरा दावा करने पर चर्चा में आए थे कि एलियन टेक्नॉलजी Oumuamua की शक्ल में धरती से रूबरू हो चुकी है। अब उनकी नई थिअरी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि उन्होंने दावा किया है कि डायनोसॉर्स को दरअसल ऐस्टरॉइड नहीं, धूमकेतु की टक्कर ने धरती से खत्म किया था।

अब तक की थिअरी गलत?

Avi और आमिर ने अपनी स्टडी में दावा किया है कि चिक्शुलुब क्रेटर बनाने वाली स्पेस रॉक हमारे सौर मंडल के दूसरे सिरे से आई थी। अभी तक माना जा रहा था कि यह ऐस्टरॉइड मंगल और बृहस्पति के बीच मौजूद ऐस्टरॉइड बेल्ट से आया था। हालांकि, रिसर्च में स्टेस्टिकल अनैलेसिस और ग्रैविटेशनल सिम्यूलेशन के आधार पर कैलकुलेट किया है कि धरती से टकराने वाली ज्यादातर चट्टानें Oort क्लाउड से आती हैं जहां लंबे काल वाले धूमकेतु रहते हैं।

कैसे होती है टक्कर?

रिसर्च में दावा किया गया है कि ऐसे धूमकेतु सौर मंडल के अंदरूनी हिस्से में आते वक्त रास्ते से भटक जाते हैं और इसका अंजाम विनाशकारी होता है। सिराज ने बताया कि सौर मंडल एक पिनबॉल मशीन की तरह काम करता है। सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति धूमकेतुओं को ऐसी कक्षा में धकेलता है जिससे वे सूरज की ओर जाते हैं। सूरज के गुरुत्वाकर्षण की वजह से ये टूट जाते हैं और Oort क्लाउड की ओर जाते हुए इनके टुकड़ों की धरती से टकराने की आशंका पैदा हो जाती है।

धूमकेतु से मिलता है क्रेटर का आकार

रिसर्च में कहा गया है कि ऐसी टक्कर की आशंका पहले के अनुमान से ज्यादा है। इसमें यह भी कहा गया है कि किसी नजदीकी ऐस्टरॉइड से ज्यादा Chicxulub Crater का आकार Oort क्लाउड से आने वाले धूमकेतु से मिलता है। Avi का कहना है कि डीप स्पेस से आ रहे ऑब्जेक्ट्स की गहन स्टडी न सिर्फ डायनोसॉर्स के खात्मे को समझने के लिए जरूरी है, बल्कि इसलिए भी ताकि भविष्य में आने वाले खतरे को पहले से समझा जा सके। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

ऐस्टरॉइड और धूमकेतु कैसे अलग?

ऐस्टरॉइड्स वे चट्टानें होती हैं जो किसी ग्रह की तरह ही सूरज के चक्कर काटती हैं लेकिन ये आकार में ग्रहों से काफी छोटी होती हैं। करीब 4.5 अरब साल पहले जब हमारा सोलर सिस्टम बना था, तब गैस और धूल के ऐसे बादल जो किसी ग्रह का आकार नहीं ले पाए और पीछे छूट गए, वही इन चट्टानों यानी ऐस्टरॉइड्स में तब्दील हो गए। धूमकेतु भी ऐस्टरॉइड्स की तरह सूरज का टक्कर काटते हैं लेकिन वे चट्टानी नहीं होते बल्कि धूल और बर्फ से बने होते हैं। जब ये धूमकेतु सूरज की तरफ बढ़ते हैं तो इनकी बर्फ और धूल वेपर यानी भाप में बदलते हैं जो हमें पूंछ की तरह दिखता है।

Oumuamua था एलियन क्राफ्ट?

इससे पहले प्रफेसर लोएब तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने दावा किया था कि 19 अक्टूबर, 2017 को देखी गई स्पेस रॉक Oumuamua दरअसल एलियन लाइफ का सबूत थी। यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के PAN-STARRS1 टेलिस्कोप ने इसे देखा था। सिगार के आकार का ये ऑब्जेक्ट 1.96 लाख मील प्रतिघंटा की रफ्तार से धरती के करीब से गुजरा था और इसे धूमकेतु या ऐस्टरॉइड माना गया था। हालांकि, ऐवी का कहना है कि यह कोई आम स्पेस रॉक नहीं थी।

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