धरती के अंदर बसी है एक एलियन दुनिया? स्टडी का दावा, घने चट्टानी हिस्से कर रहे प्राचीन ग्रह Theia की ओर इशारा

ऐरिजोना
धरती के अंदर मैंटल में कुछ ऐसी चट्टानें हैं जो प्राचीन ग्रह थिया के संकेत देती हैं। एक स्टडी में ऐसा दावा किया गया है कि अरबों साल पहले धरती से टकराया यह ग्रह अब पृथ्वी का हिस्सा बन चुका है। माना जाता है कि सौर मंडल के शुरुआती दिनों में धरती से मंगल के आकार का थिया ग्रह टकराया था जिससे चांद बना था। धरती के अंदर बड़ी संख्या में अनजान, विशाल चट्टानें पाई गई हैं जिन्हें लो-शियर-वेलॉसिटी प्रोविन्सेज (LLSVPs) कहा जाता है और ऐरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी की टीम का मानना है कि ये उसी प्राचीन दुनिया का हिस्सा हो सकते हैं।

दूसरी चट्टानों से अलग
इनमें से एक LLSVP अफ्रीका के नीचे है और एक प्रशांत महासागर के नीचे। दोनों इतने विशाल हैं कि धरती के चुंबकीय क्षेत्र के कमजोर होने से इनका संबंध माना जाता है। इस रिसर्च के लेखक कियान युआन का कहना है कि ये चट्टानें आसपास की दूसरी चट्टानों से ज्यादा घनी हैं और केमिकल बनावट भी अलग है। युआन का कहना है कि थिआ का मैंटल धरती से ज्यादा गहरा था। इसलिए जब दोनों की टक्कर हुई तो धरती में उसका एक हिस्सा हमेशा के लिए बस गया।

थिआ का सबूत नहीं
यह मैंटल धरती का मोटा अंदरूनी हिस्सा है जो ज्यादातर सॉलिड है और 1800 मील तक फैला है। यह कोर और क्रस्ट के बीच आता है। धरती की वॉल्यूम का 84% हिस्सा इसी का है। खास बात यह है कि ‘ग्रेट इंपैक्ट’ थिअरी चांद-धरती के सिस्टम से काफी मिलती है। हालांकि, थिया को कोई सबूत मिला नहीं। माना जाता है कि यह घटना 2-10 करोड़ साल पहले हुई थी। इस थिअरी के कुछ समर्थकों का मानना है कि दोनों ग्रहों की कोर एक में मिल गईं और तब ऐसे केमिकल बने जिनसे जीवन मुमकिन हो सका।

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धरती से ज्यादा घना
ऐरिजोना स्टेट के पीएचडी स्टूडेंट युआन की हालिया थिअरी के मुताबिक LLSVP इस टक्कर से संबंधित हैं। इन चट्टानों को कई तरह से साबित करने की कोशिश की जाती रही है। कुछ का कहना है कि ये धरती के मैग्मा से निकलकर क्रिस्टल में तब्दील हो गईं। युआन का कहना है कि थिआ के लोहे से भरे हिस्से धरती के मैंटल में मिल गए जब दोनों आपस में टकराए। उन्होंने बताया कि इस बात को दिखाया जा सकता है कि थिआ का मैंटल धरती के मैंटल से 3.5 प्रतिशत ज्यादा घना रहा होगा। इसकी वजह से ये चट्टानें जैसे अंदर डूब गईं।

उन्होंने यह भी कहा है कि सिर्फ थिआ के आकार के इंपैक्टर से ऐसी चट्टानें मिल सकती हैं। इसके अलावा पहले के रिसर्च में पाया गया है कि LLSVP से आने वाले केमिकल सिग्नेचर थिआ इंपैक्ट के वक्त के हो सकते हैं। ऐसे में दोनों को जोड़ा जा सकता है।

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धरती और थिया की टक्कर

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