दिशा रवि ने ग्रेटा को व्हाट्सएप मैसेज किया था-टूलकिट ट्वीट मत करना, हमारे नाम हैं उसमें!

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किसान आंदोलन को हवा देने के लिए तैयार किए गए टूलकिट मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस को अब जांच में वो संदेश मिल गए हैं, जो दिशा रवि व पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के बीच किए गए थे। ऐसे ही एक व्हाट्सएप संदेश में दिशा रवि ने ग्रेटा से कहा था-टूलकिट को ट्वीट मत करना, उसमें हमारे नाम हैं और इस कारण गैर कानूनी गतिविधि निवारक कानून यानी यूएपीए के तहत उन पर कार्रवाई हो सकती है।

यह संदेश ठीक उस वक्त का है, जब ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट को ट्वीट कर चुकी थी। दोनों के बीच व्हाट्स एप पर हुई बातचीत से यह खुलासा हुआ है। बता दें, टूलकिट में किसान आंदोलन को भारत व विश्व के अन्य देशों में सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से कैसे भड़काना है, उसकी पूरी योजना थी। दिशा रवि को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिशा ने ग्रेटा को इसलिए टूलकिट ट्वीट करने से रोकना चाहा था कि इन दोनों पर्यावरण कार्यकर्ताओं के नाम उसमें थे और दोनों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उनका यह भय सच साबित हुआ और दिशा व ग्रेटा पर कानूनी शिकंजा कस चुका है। 

दिशा ने ग्रेटा को चेताया, मगर देर हो चुकी थी
दिशा ने व्हाट्सएप संदेश में ग्रेटा से यह भी कहा था कि कुछ समय के लिए कुछ मत करिए, क्योंकि मामला जोर पकड़ रहा है और हम पर गैर कानूनी गतिविधि निवारक कानून याानी यूएपीए कानून के तहत कठोर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि दिशा की यह पहल बेकार गई, क्योंकि वह ग्रेटा को रोक पाती उससे पहले ही टूलकिट मामले को वह सोशल मीडिया में साझा कर चुकी थी। हालांकि गलती समझ में आने पर उसने इसे डिलीट कर दिया था, लेकिन तब तक दिल्ली पुलिस तक उसके स्क्रीन शॉट पहुंच चुके थे। ग्रेटा ने टूलकिट डिलीट करने के साथ लिखा था, यह पुराना हो चुका है। 

दिशा के सतर्क करने के बाद ग्रेटा ने तुरत-फुरत टूलकिट को डिलीट कर दिया था। उसके कुछ समय बाद ग्रेटा ने टूलकिट का संपादित वर्जन जारी किया और उसे अपडेटेड टूलकिट करार दिया। पुलिस का दावा है कि टूलकिट को संपादित करने का काम दिशा ने किया। 

दस्तावेज उजागर होने पर दिशा ने की थी बात 
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार ओरिजनल टूलकिट दस्तावेज उजागर होने के बाद दिशा ने ग्रेटा से बात की थी। ग्रेटा ने रात 9:23 बजे ट्वीटर पर ओरिजनल टूलकिट शेयर किया था। इसके बाद दिशा ने उससे बात की थी। जब दिशा ने उससे बात की थी तो ग्रेटा ने कहा था कि मामला तूल पकड़ रहा है। उसने भय जताया कि उसे कई खतरों का सामना करना पड़ सकता है। 

 
ग्रेटा रात 9:25 बजे : यह तैयार होना अब सच में अच्छा रहेगा। मुझे इसके कारण कई खतरों का सामना करना पड़ेगा। यह सच में जोर पकड़ रहा है। 
दिशा : हंसती है
दिशा 9:25 बजे : यह तुम्हें भेज रही हूं।
दिशा 9:35 बजे : ओके, तुम टूलकिट को अभी ट्वीट मत करना, क्या हम अभी कुछ समय कुछ न कहें, ऐसा हो सकता है? मैंने वकीलों से चर्चा की है। मैं क्षमा चाहती हूं, लेकिन इसमें हमारे नाम हैं और हम पर यूएपीए के तहत कार्रवाई हो सकती है। 
दिशा 9: 39 बजे : तुम राजी हो? 
ग्रेटा 9: 40 बजे : मैं कुछ लिखना चाहती हूं
दिशा 9:40 बजे : क्या तुम मुझे पांच मिनट दे सकती हो, मैं वकीलों से बात कर रही हूं।
ग्रेटा 9:41 बजे : मैं क्षमा चाहती हूं, हम सब यहां दहशत में हैं, क्योंकि यहां मामला बुरा होता जा रहा है। 
 

किसान आंदोलन को हवा देने के लिए तैयार किए गए टूलकिट मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। दिल्ली पुलिस को अब जांच में वो संदेश मिल गए हैं, जो दिशा रवि व पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के बीच किए गए थे। ऐसे ही एक व्हाट्सएप संदेश में दिशा रवि ने ग्रेटा से कहा था-टूलकिट को ट्वीट मत करना, उसमें हमारे नाम हैं और इस कारण गैर कानूनी गतिविधि निवारक कानून यानी यूएपीए के तहत उन पर कार्रवाई हो सकती है।

यह संदेश ठीक उस वक्त का है, जब ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट को ट्वीट कर चुकी थी। दोनों के बीच व्हाट्स एप पर हुई बातचीत से यह खुलासा हुआ है। बता दें, टूलकिट में किसान आंदोलन को भारत व विश्व के अन्य देशों में सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से कैसे भड़काना है, उसकी पूरी योजना थी। दिशा रवि को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिशा ने ग्रेटा को इसलिए टूलकिट ट्वीट करने से रोकना चाहा था कि इन दोनों पर्यावरण कार्यकर्ताओं के नाम उसमें थे और दोनों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उनका यह भय सच साबित हुआ और दिशा व ग्रेटा पर कानूनी शिकंजा कस चुका है। 

दिशा ने ग्रेटा को चेताया, मगर देर हो चुकी थी

दिशा ने व्हाट्सएप संदेश में ग्रेटा से यह भी कहा था कि कुछ समय के लिए कुछ मत करिए, क्योंकि मामला जोर पकड़ रहा है और हम पर गैर कानूनी गतिविधि निवारक कानून याानी यूएपीए कानून के तहत कठोर कार्रवाई हो सकती है। हालांकि दिशा की यह पहल बेकार गई, क्योंकि वह ग्रेटा को रोक पाती उससे पहले ही टूलकिट मामले को वह सोशल मीडिया में साझा कर चुकी थी। हालांकि गलती समझ में आने पर उसने इसे डिलीट कर दिया था, लेकिन तब तक दिल्ली पुलिस तक उसके स्क्रीन शॉट पहुंच चुके थे। ग्रेटा ने टूलकिट डिलीट करने के साथ लिखा था, यह पुराना हो चुका है। 


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बाद में जारी किया अपडेट टूलकिट

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