जिले के 850 स्कूलों में पहले दिन छठी और सातवीं कक्षा के पहुंचे 6318 विद्यार्थी

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बिलासपुर। जिले के 850 माध्यमिक स्कूलों में कोरोना काल के बाद छठी और सातवीं कक्षा के कुल 6318 विद्यार्थी पहुंचे। जबकि जिले के सरकारी स्कूलों में दोनों कक्षाओं की कुल संख्या 9817 है। बच्चों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही कक्षा में प्रवेश मिला।
उप निदेशक प्राइमरी सुदर्शन कुमार ने कहा कि कोरोना काल के एक साल बाद बच्चे स्कूल पहुंचे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिटिंग प्लान से लेकर सैनिटाइजेशन तक का कार्य पूरी सावधानी के साथ किया गया। बच्चों की स्कूल में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करवाया गया। दोनों कक्षाओं के बच्चों के टेस्ट सोमवार से शुरू हैँ। लेकिन स्कूल का समय 9 से 3 बजे ही होगा। अभी बच्चों के लिए मिड-डे मील नहीं बनाया जा रहा है। स्कूल परिसर से बाहर जाने पर प्रतिबंध है।
रावमापा पंजगाईं की सातवीं कक्षा की विभूति, नियति, अंतरा, अक्षरा, हितेश्री, भूमिका , पलक, आठवीं कक्षा के कृष, समृद्धि सहित अन्य बच्चों ने बताया कि वे स्कूल आकर खुश हैं। पूरे एक साल बाद स्कूल खुलने के बाद उन्हें अपने दोस्तों के साथ मिलने का मौका मिला है।

बिलासपुर। जिले के 850 माध्यमिक स्कूलों में कोरोना काल के बाद छठी और सातवीं कक्षा के कुल 6318 विद्यार्थी पहुंचे। जबकि जिले के सरकारी स्कूलों में दोनों कक्षाओं की कुल संख्या 9817 है। बच्चों को थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही कक्षा में प्रवेश मिला।

उप निदेशक प्राइमरी सुदर्शन कुमार ने कहा कि कोरोना काल के एक साल बाद बच्चे स्कूल पहुंचे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिटिंग प्लान से लेकर सैनिटाइजेशन तक का कार्य पूरी सावधानी के साथ किया गया। बच्चों की स्कूल में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इसके बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करवाया गया। दोनों कक्षाओं के बच्चों के टेस्ट सोमवार से शुरू हैँ। लेकिन स्कूल का समय 9 से 3 बजे ही होगा। अभी बच्चों के लिए मिड-डे मील नहीं बनाया जा रहा है। स्कूल परिसर से बाहर जाने पर प्रतिबंध है।

रावमापा पंजगाईं की सातवीं कक्षा की विभूति, नियति, अंतरा, अक्षरा, हितेश्री, भूमिका , पलक, आठवीं कक्षा के कृष, समृद्धि सहित अन्य बच्चों ने बताया कि वे स्कूल आकर खुश हैं। पूरे एक साल बाद स्कूल खुलने के बाद उन्हें अपने दोस्तों के साथ मिलने का मौका मिला है।

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