जिला अस्पताल में ऑक्सीजन संकट को लेकर हड़कंप

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अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों व तीमारदारों के बीच मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब उन्हें यह खबर मिली कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न हो गया है। मदद के लिए तीमारदारों के फोन इधर-उधर घनघनाने लगे।
प्रशासन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हालांकि मोर्चा संभाला तो समय रहते ही टांडा स्थित निजी प्लांट से जरूरी सिलेंडर जिला अस्पताल को उपलब्ध हो गए। इससे मरीजों व तीमारदारों ने राहत की सांस ली। उधर, बुधवार को डीएम व एसपी ने टांडा पहुंचकर निजी ऑक्सीजन प्लांट का जायजा लिया और जरूरी दिशा निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था है। उन्हें कतई परेशान होने की जरूरत नहीं है।
कोविड-19 से जूझ रहे मरीजों व तीमारदारों के लिए मंगलवार की रात हड़कंप मचा देने वाली खबर सामने आई। दरअसल जिला अस्पताल में कोविड-19 से प्रभावित मरीजों को भर्ती किया गया है। वहां ऑक्सीजन आदि के जरिए उनका समुचित उपचार करने का दावा चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। इस बीच मंगलवार देर रात यह खबर सामने आई कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न होने वाला है। वहां कुछ मरीजों को पेट के बल लेट जाने की सलाह दिए जाने की बात भी सामने आई।
यह खबर फैलते ही जिला अस्पताल के बाहर मौजूद मरीजों के तीमारदारों में हड़कंप मच गया। थोड़ी ही देर में जिला अस्पताल में ऑक्सीजन संकट की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। तमाम तीमारदारों के फोन भी ऑक्सीजन की मदद के लिए इधर-उधर घनघनाने लगे। तमाम सामाजिक कार्यकर्ता देर रात ही टांडा स्थित निजी ऑक्सीजन प्लांट के लिए निकल पड़े। हालांकि इससे पहले ही जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया था। किसी मरीज की जान खतरे में पड़ती, इससे पहले ही टांडा स्थित निजी प्लांट से समुचित ऑक्सीजन सिलेंडर जिला अस्पताल को उपलब्ध हो गए। इससे मरीजों और तीमारदारों ने राहत की सांस ली।
चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के तत्काल बाद बुधवार को डीएम सैमुअल पालन व एसपी आलोक प्रियदर्शी बुधवार को टांडा स्थित निजी विश्वकर्मा ऑक्सीजन प्लांट पहुंच गए। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि प्लांट के टैंक में प्रत्येक समय पर्याप्त ऑक्सीजन अवश्य उपलब्ध रहे। डिमांड के अनुसार कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन दी जाए।

अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों व तीमारदारों के बीच मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब उन्हें यह खबर मिली कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न हो गया है। मदद के लिए तीमारदारों के फोन इधर-उधर घनघनाने लगे।

प्रशासन व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हालांकि मोर्चा संभाला तो समय रहते ही टांडा स्थित निजी प्लांट से जरूरी सिलेंडर जिला अस्पताल को उपलब्ध हो गए। इससे मरीजों व तीमारदारों ने राहत की सांस ली। उधर, बुधवार को डीएम व एसपी ने टांडा पहुंचकर निजी ऑक्सीजन प्लांट का जायजा लिया और जरूरी दिशा निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन की व्यवस्था है। उन्हें कतई परेशान होने की जरूरत नहीं है।

कोविड-19 से जूझ रहे मरीजों व तीमारदारों के लिए मंगलवार की रात हड़कंप मचा देने वाली खबर सामने आई। दरअसल जिला अस्पताल में कोविड-19 से प्रभावित मरीजों को भर्ती किया गया है। वहां ऑक्सीजन आदि के जरिए उनका समुचित उपचार करने का दावा चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। इस बीच मंगलवार देर रात यह खबर सामने आई कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन का संकट उत्पन्न होने वाला है। वहां कुछ मरीजों को पेट के बल लेट जाने की सलाह दिए जाने की बात भी सामने आई।

यह खबर फैलते ही जिला अस्पताल के बाहर मौजूद मरीजों के तीमारदारों में हड़कंप मच गया। थोड़ी ही देर में जिला अस्पताल में ऑक्सीजन संकट की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। तमाम तीमारदारों के फोन भी ऑक्सीजन की मदद के लिए इधर-उधर घनघनाने लगे। तमाम सामाजिक कार्यकर्ता देर रात ही टांडा स्थित निजी ऑक्सीजन प्लांट के लिए निकल पड़े। हालांकि इससे पहले ही जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया था। किसी मरीज की जान खतरे में पड़ती, इससे पहले ही टांडा स्थित निजी प्लांट से समुचित ऑक्सीजन सिलेंडर जिला अस्पताल को उपलब्ध हो गए। इससे मरीजों और तीमारदारों ने राहत की सांस ली।

चुनाव के लिए पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के तत्काल बाद बुधवार को डीएम सैमुअल पालन व एसपी आलोक प्रियदर्शी बुधवार को टांडा स्थित निजी विश्वकर्मा ऑक्सीजन प्लांट पहुंच गए। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि प्लांट के टैंक में प्रत्येक समय पर्याप्त ऑक्सीजन अवश्य उपलब्ध रहे। डिमांड के अनुसार कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन दी जाए।

amarujala

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