जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म, भटकने को मजबूर हैं मरीज

अयोध्या-जिलाअस्पताल स्थित बंद पड़ा एआरवी कक्ष
– फोटो : FAIZABAD

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अयोध्या। करीब दो वर्षों बाद एक बार फिर एंटी रैबीज वैक्सीन का संकट खड़ा हो गया है। जिला अस्पताल व राजकीय श्रीराम चिकित्सालय में स्टॉक खत्म होने से मरीजों में हाहाकार मचा हुआ है। जिम्मेदार शासन स्तर से ही आपूर्ति न होना कारण बता रहे हैं। सोमवार को भी इन अस्पतालों में मरीज एआरवी के लिए इधर-उधर भटकते रहे और मजबूरन बाहर से इंजेक्शन खरीदने को विवश हुए।
कुत्ता, बंदर, बिल्ली आदि के काटने के बाद संक्रमण से बचने के लिए लोगों को एआरवी (एंटी रैबीज वैक्सीन) की खुराक दी जाती है। यूं तो जिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज दर्शननगर सहित जिले के सभी 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसकी व्यवस्था की गई है। सीएचसी पर तमाम बदहालियों के कारण या तो मरीज जाते ही नहीं हैं, जाते भी हैं तो अक्सर सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।
अमूमन मंडल मुख्यालय का अस्पताल होने के कारण जिला अस्पताल में या रामनगरी का अस्पताल होने के कारण श्रीराम अस्पताल में ही इसकी खपत सर्वाधिक होती है। जिला अस्पताल में अकेले प्रतिदिन करीब सौ लोगों को इसकी खुराक ओपीडी में दी जाती है। इधर, सप्ताह भर से श्रीराम चिकित्सालय में स्टॉक शून्य हुआ तो जिला अस्पताल में भार बढ़ गया। पिछले दो-तीन दिन में यहां भी स्टॉक खत्म होने से सोमवार को हाहाकार की स्थिति रही। मरीज सोमवार को अस्पताल पहुंचे तो जिम्मेदारों ने वैक्सीन न होने की बात बताई। इधर-उधर भटकने के बाद भी इंतजाम नहीं हुआ तो कुछ मरीज बाहर से इंजेक्शन खरीदने को विवश हुए। जिला अस्पताल आए समसुद्दीनपुर के जगदीश यादव ने बताया कि कुत्ता काटने के बाद एक खुराक पहले लगवा चुके हैं, दूसरी खुराक के लिए आज बुलाया गया था, लेकिन कक्ष में मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल में एआरवी खत्म हो गई है। यहीं पर आए अयोध्या विवेक ने बताया कि माताजी को कुत्ता काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने आए थे, लेकिन इंजेक्शन खत्म बताया जा रहा है। इसी तरह सोहावल के अर्पण, तारुन के गयाप्रसाद, नवाबगंज के देवकी प्रसाद व दर्शननगर की कौशिल्या सहित तमाम मरीज अस्पताल में एआरवी खोजते रहे।
इधर लंबे समय से एआरवी की आपूर्ति नहीं हुई है। खपत अधिक होने के कारण स्टॉक खत्म हो गया है। शासन को डिमांड भेजी गई है। शीघ्र ही आपूर्ति होने की उम्मीद है। – डॉ. रवींद्र कुमार, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल, अयोध्या
जिले के 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए करीब 300 एआरवी मौजूद है। सभी सीएचसी पर इसे उपलब्ध भी कराया गया है। जिला अस्पताल के लिए वहीं से डिमांड भेजी जाती है। इन अस्पतालों में हमारे स्तर से आपूर्ति नहीं होती है। – डॉ. घनश्याम सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, अयोध्या

अयोध्या। करीब दो वर्षों बाद एक बार फिर एंटी रैबीज वैक्सीन का संकट खड़ा हो गया है। जिला अस्पताल व राजकीय श्रीराम चिकित्सालय में स्टॉक खत्म होने से मरीजों में हाहाकार मचा हुआ है। जिम्मेदार शासन स्तर से ही आपूर्ति न होना कारण बता रहे हैं। सोमवार को भी इन अस्पतालों में मरीज एआरवी के लिए इधर-उधर भटकते रहे और मजबूरन बाहर से इंजेक्शन खरीदने को विवश हुए।

कुत्ता, बंदर, बिल्ली आदि के काटने के बाद संक्रमण से बचने के लिए लोगों को एआरवी (एंटी रैबीज वैक्सीन) की खुराक दी जाती है। यूं तो जिला अस्पताल, राजकीय श्रीराम चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज दर्शननगर सहित जिले के सभी 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इसकी व्यवस्था की गई है। सीएचसी पर तमाम बदहालियों के कारण या तो मरीज जाते ही नहीं हैं, जाते भी हैं तो अक्सर सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं।

अमूमन मंडल मुख्यालय का अस्पताल होने के कारण जिला अस्पताल में या रामनगरी का अस्पताल होने के कारण श्रीराम अस्पताल में ही इसकी खपत सर्वाधिक होती है। जिला अस्पताल में अकेले प्रतिदिन करीब सौ लोगों को इसकी खुराक ओपीडी में दी जाती है। इधर, सप्ताह भर से श्रीराम चिकित्सालय में स्टॉक शून्य हुआ तो जिला अस्पताल में भार बढ़ गया। पिछले दो-तीन दिन में यहां भी स्टॉक खत्म होने से सोमवार को हाहाकार की स्थिति रही। मरीज सोमवार को अस्पताल पहुंचे तो जिम्मेदारों ने वैक्सीन न होने की बात बताई। इधर-उधर भटकने के बाद भी इंतजाम नहीं हुआ तो कुछ मरीज बाहर से इंजेक्शन खरीदने को विवश हुए। जिला अस्पताल आए समसुद्दीनपुर के जगदीश यादव ने बताया कि कुत्ता काटने के बाद एक खुराक पहले लगवा चुके हैं, दूसरी खुराक के लिए आज बुलाया गया था, लेकिन कक्ष में मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि अस्पताल में एआरवी खत्म हो गई है। यहीं पर आए अयोध्या विवेक ने बताया कि माताजी को कुत्ता काटने के बाद इंजेक्शन लगवाने आए थे, लेकिन इंजेक्शन खत्म बताया जा रहा है। इसी तरह सोहावल के अर्पण, तारुन के गयाप्रसाद, नवाबगंज के देवकी प्रसाद व दर्शननगर की कौशिल्या सहित तमाम मरीज अस्पताल में एआरवी खोजते रहे।

इधर लंबे समय से एआरवी की आपूर्ति नहीं हुई है। खपत अधिक होने के कारण स्टॉक खत्म हो गया है। शासन को डिमांड भेजी गई है। शीघ्र ही आपूर्ति होने की उम्मीद है। – डॉ. रवींद्र कुमार, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल, अयोध्या

जिले के 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए करीब 300 एआरवी मौजूद है। सभी सीएचसी पर इसे उपलब्ध भी कराया गया है। जिला अस्पताल के लिए वहीं से डिमांड भेजी जाती है। इन अस्पतालों में हमारे स्तर से आपूर्ति नहीं होती है। – डॉ. घनश्याम सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, अयोध्या

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